Valuable QuestionCategory: सामान्य ज्ञानतुलसी की पत्तियों को चबाने से मना क्यों किया जाता है? इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है?
Jaydip asked 1 month ago

Why is it forbidden to chew the leaves of basil? Is there any scientific reason behind this?

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Jaydip answered 1 month ago

* तुलसी को हिन्दू धर्म में एक बेहद महत्वपूर्ण और पवित्र पौधा माना गया है। तुलसी एक महत्वपूर्ण औषधि है जो कई तरह के रोगों के निदान में प्रयोग में लाई जाती है। आयुर्वेद में तुलसी के पत्ते को सबसे बेहतरीन प्राकृतिक एंटी-बायोटिक माना जाता है। विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि तुलसी में पाया जाने वाला तैल हमारी श्वांस संबंधी तकलीफों का सबसे प्रभावी उपाय है।
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* परंतु तुलसी के पत्ते में काफी मात्रा में आयरन और पारा( मर्करी) पाया जाता है। तुलसी के पत्ते को चबाने पर ये तत्व हमारे मुंह में घुल जाते हैं। ये दोनों ही तत्व हमारे दांतों की सेहत के लिए तथा उनकी सुंदरता के लिए नुकसानदेह हैं। तुलसी थोड़ी अमलीय यानी कि एसिडिक नेचर की होती है, इसलिए रोजाना इसका सेवन दांतों की तकलीफों को दावत दे सकता है। तुलसी की पत्तियों में मामूली मात्रा में आर्सेनिक भी होता है। इसे अगर दांत से चबाया गया तो यह हमारे मुंह में मौजूद क्षार तत्वों से मिल जाएगा। इसके परिणामस्वरूप दांतों की सड़न और मसूड़ों की परेशानी होती है। इसलिए पत्तियों को दांत से नहीं चबाना चाहिए बल्कि इसे पूरी तरह निगल लेना चाहिए।
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* धार्मिक मान्यताएं भी तुलसी के पत्ते को चबाने की इजाजत नहीं देती हैं। हिंदू संस्कृति के लोग तुलसी को भगवान विष्णु की पत्नी के एक अवतार के रूप में पूजते हैं, इसलिए भी तुलसी के पत्ते को चबाना नहीं चाहिये।
* तुलसी के इस्तेमाल का सबसे बेहतर तरीका होता है चाय के साथ इसका सेवन करना। तुलसी के पत्ते का उपयोग कर बनाई गई चाय प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करती है और मुंह के जर्म्स से सुरक्षा दिलाने में सहयोग करती है।