Valuable QuestionCategory: सामान्य ज्ञानअरनब गोस्वामी के वाद-विवाद की प्रक्रिया (मेथोडोलॉजी) पर आपके क्या विचार हैं?
Jaydip asked 10 months ago

What are your views on Arnab Goswami’s debate?

1 Answers
Jaydip answered 10 months ago

वाद-विवाद (Debate) की प्रक्रिया वह है जिसमें लोगों का एक समूह एक साथ आते हैं, औपचारिक रूप से किसी विशेष विषय के बारे में बहस करते हैं, और अंत में एक निष्कर्ष निकाला जाता है।
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एक डिबेट वह नहीं है जिसमें निष्कर्ष बहस के पहले ही निश्चित हो।
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* और अर्नब गोस्वामी के कार्यक्रमों में जहां तक मैने देखा है, अक्सर ऐसा नहीं होता। ऐसा लगता है जैसे डिबेट का निष्कर्ष पहले ही तय है। अर्नब गोस्वामी की वाद विवाद प्रक्रिया एक पूछताछ लगती है, और जज़ होते है अर्नब जी।
* अपनी सभी बहस में वे एक विशेष समूह का पक्ष लेते है तथा उसे दुसरे लोगों पर थोपने का प्रयास करते है। उनके डिबेट में एक-दो पंक्तियों को ही बार-बार बहुत ठोस रूप से दोहराया जाता है।
* एक घंटे के कार्यक्रम में दस से ज्यादा लोगों को बुला लिया जाता है, जिन्हें दो मिनट से ज्यादा बोलने का मौका नहीं दिया जाता। बहुत बार देखा है कि अगर कोई व्यक्ति तर्कपूर्ण बात कर दे या अरनब जी के द्वारा दोहराई गई बात से अलग कुछ बोले तो उन्हें बीच में काट दिया जाता है।
* आये हुए मेहमानों के ऊपर ऊँची आवाज में चिल्लाते रहना तो साधारण है उनके लिए, चाहे उनकी कोई गलती हो या न हो। डिबेट्स में सभी की बात सुनी जाती है चाहे आप उससे सहमत ना हो।
* सच तो यह है कि एक नाटक चल रहा होता है क्योंकि जनता को कङी सच्चाई नहीं मनोरंजन चाहिए और चैनल को टीआरपी।