Valuable QuestionCategory: सामान्य ज्ञानअदालत में मृत्युदंड के बाद जज कलम (निब) क्यों तोड़ देते हैं? इस प्रथा का क्या महत्व है?
Jaydip asked 1 month ago

Why do judges pen (nib) break after the death penalty in court? What is the significance of this practice?

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Jaydip answered 1 month ago

फांसी की सजा दुनिया की सभी सजाओं में सबसे बड़ी सजा होती है। जिसे किसी आम अपराधी को नहीं सुनाया जाता है। कानून में ऐसा कोई प्रावधान या नियम नहीं है जिसमें जज का निब तोड़ना जरुरी हो लेकिन भावनात्मक और प्रतिकात्‍मक रूप से ऐसी कलम जिसने किसी की मौत लिखी हो उससे वापस उपयोग नहीं करने के लिए निब को तोड़ा जाता है।
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कलम तोड़ना इस आस्था का प्रतीक है कि जिस कलम का उपयोग किसी व्यक्ति का जीवन लेने के लिए किया जा चुका है, उसे अन्य कामों के लिए कभी भी प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।जिस पेन ने खून का स्वाद चख लिया है, उसे नष्ट कर देना ही उचित है।जिससे कि ये मनहूस कलम किसी और का जीवन न ले सके। यह प्रथा आज से नहीं बल्कि अंग्रेजों के जमाने से चलती रही है। जब भारत में ब्रिटिश हुकूमत थी तभी भी सजा सुनाने के बाद कलम को तोड़ा जाता था। जिस तरह कलम से लिखी हुई बात को कोई मिटा नहीं सकता उसी तरह जज के द्वारा लिखा और हस्‍ताक्षर किया हुआ निर्णय रद्द नहीं किया जा सकता। निब तोड़कर यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि एक बार निर्णय देने के बाद जज अपने फैसले पर दोबारा विचार ना करे।
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दूसरा कारण यह है कि दोबारा इस कलम से फिर किसी को फांसी की सजा ना मिलें और ना ही कोई इस तरह का अपराध करें।जज को बेमतब की ग्लानि और अफ़सोस ना हो कि उन्होंने किसी की जिंदगी को खत्म कर दिया है इसलिए प्रायश्चित के तौर पर निब को तोड़ कर यूज़लेस बना दिया जाता है । ये एक रिवाज है जो वो निभाते हैं। पहले स्‍यायी वाले निब के पैन उपयोग किए जाते थे इनके निब तोड़ने के बाद नए निब लगाकर उपयोग किए जा सकते थे लेकिन अब जैल या दूसरे पैन उपयोग में आने लगे हैं जिसकी वजह से पैन कि निब को तोड़ने की जगह नए पैन का उपयोग किया जाने लगा है।
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मौत की सजा दुखद है, लेकिन कभी-कभी ज़रूरी है।पेन को तोड़ना दरअसल दु:ख व्यक्त करना है।